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दुनिया मेरे आगे: स्वार्थ के रिश्ते

अब अगर किसी भाई को तकलीफ होती है तो दूसरे भाई को याद कर लिया जाता है और बाद में भुला दिया जाता है। एक प्रकार से स्वार्थ के रिश्तों को ही प्राथमिकता दी जाती है। पाश्चात्य देशों में एकल परिवार को महत्त्व दिया जाता है।

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