आने वाली दिवाली का उजाला अगर संकुचित मानसिकता के धनपतियों को अगर यह सोचने पर बाध्य कर सके कि हमें जितना वैभव मिला है, उसका कुछ हिस्सा हम वंचितों के तक पहुंचा सकें तो जीवन में, आत्मा में वास्तविक खुशी का एक दीप प्रज्वलित होता रहेगा।
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