महानगर में रहने वालों को यह हरी घास न मिले तो जरा सोचिए उनका क्या हाल होगा! हरी घास का एक टुकड़ा ही सही, बहुमंजिली सीमेंटी कंक्रीटी इमारतों के बीच आंखों और मन को कुछ सुख तो पहुंचाता ही है।
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