Skip to main content

जिद्दी डार्क सर्कल्स से आसानी से छूट सकता है पीछा, करें इन 5 घरेलू उपायों का इस्तेमाल

Dark Circles Removal: चेहरे पर दाग-धब्बों की परेशानी किसी को पसंद नहीं आती है लेकिन ये स्किन प्रॉब्लम बेहद आम है। त्वचा रोग विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ते समय के साथ स्किन पतली हो जाती है क्योंकि त्वचा से कोलाजन कम होने लगता है। ऐसे में आंखों की नीचे की स्किन से नसें उभरने लगती हैं। इसके अलावा, सूरज की किरणों के संपर्क में आने से भी आंखों के नीचे काले घेरे दिखने लगते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कुछ घरेलू उपायों का इस्तेमाल करके इन जिद्दी निशानों से छुटकारा पाया जाता है।

खीरा: खीरे को कोल्ड कंप्रेस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, ऐसे में डार्क सर्कल्स से निजात दिलाने में ये मददगार साबित हो सकते हैं। साथ ही, खीरे में स्किन लाइटनिंग और माइल्ड एस्ट्रिंजेंट गुण होते हैं। आंखों के नीचे के काले घेरों को दूर करने में खीरों को काटकर आंखों के ऊपर रखें। दिन में दो बार इसे करें। ताजे खीरे को मोटे-मोटे टुकड़ों में काट लें और आधे घंटे तक फ्रिज में रखें। फिर करीब 10 मिनट तक इसे आंखों पर रखें, इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से धो लें।

नींबू का रस और खीरा: खीरे का टुकड़ा यदि काम नहीं आता है तो दूसरा उपाय भी है। बराबर मात्रा में नींबू का रस और खीरे का रस मिला दें। कॉटन बॉल की मदद से आंखों के नीचे इसे लगाएं। 15 मिनट तक रहने दें और फिर गर्म पानी से धो लें।

गुलाब जल: गुलाब जल की न केवल खुशबू अच्छी होती है बल्कि ये स्किन को आराम देता और नई ताजगी प्रदान करता है। ये स्किन टोनर के रूप में भी कार्य करता है। मेकअप रिमूवर पैड्स को गुलाब जल में भिगो लें और फिर बंद आईलिड्स पर लगाएं। 15 मिनट के बाद धो लें, ऐसा दिन में दो बार करें।

टमाटर: लाइकोपीन का बेहतरीन स्रोत होता है टमाटर जो स्किन के लिए बेहद फायदेमंद होती है। ये त्वचा को कोमल और चमकदार बनाता है। डार्क सर्कल्स घटाने के लिए टमाटर जूस और नींबू के रस को समान मात्रा में मिलाएं और रुई की मदद से आंखों के नीचे के हिस्से पर लगाएं। 10 मिनट के बाद गर्म पानी से धो लें।


आलू: आलू में प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी होता है जो कोलाजेन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है। इससे स्किन हेल्दी और जवां नजर आती है। थोड़े आलू को कद्दूकस करें और 10 मिनट तक आंखों के नीचे रखें।

The post जिद्दी डार्क सर्कल्स से आसानी से छूट सकता है पीछा, करें इन 5 घरेलू उपायों का इस्तेमाल appeared first on Jansatta.



from जीवन-शैली – Jansatta https://ift.tt/38qnVSM

Comments

Popular posts from this blog

Redmi भारत में ला रही है अपनी पहली टीवी, 17 मार्च को होगी लॉन्च

Redmi भारत में अपनी पहली टीवी लॉन्च करने जा रही है, जिसको लेकर कंपनी ने ट्विवटर पर एक ट्वीट करके जानकारी दी है। शाओमी अभी तक भारतीय बाजार में एमआई के टीवी लॉन्च करती रही है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/3kTD1WB

Airtel 398 vs Vi 399 Plan: बेनिफिट्स में है बड़ा अंतर, कीमत में है सिर्फ 1 रुपये का फर्क, जानें कौन सा प्लान है बेस्ट

Airtel Prepaid Plan vs Vi Prepaid Plan: हम आज आपको इस बात की जानकारी देंगे कि Airtel 398 Plan और Vi 399 Plan के बीच कीमत के अलावा बेनिफिट्स में क्या-क्या अंतर है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/39NTnw8

बवासीर और फिस्टुला में अंतर कैसे करें? आचार्य बालकृष्ण से जानिए पाइल्स के रामबाण इलाज

बवासीर में ज्यादा खून बहने से शरीर में खून की कमी हो सकती है। व्यक्ति कमजोर महसूस करने लगता है। लंबे समय तक इस बीमारी के बने रहने और इलाज के अभाव में यह कोलोरेक्टल कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही बवासीर का इलाज कराएं। आइए आचार्य बालकृष्ण से घरेलू उपचार के साथ बवासीर और फिस्टुला में अंतर समझते हैं। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक पाइल्स को आयुर्वेद में ‘अर्श’ कहा गया है। यह तीन दोषों – वात, पित्त और कफ के दूषित होने के कारण होता है। इसलिए इसे त्रिदोषज रोग भी कहा जाता है। जिन बवासीर में वात या कफ प्रधान होता है, वे सूखे होते हैं। इसलिए मांसल कोशिकाओं से कोई स्राव नहीं होता है। अर्श जिसमें रक्त या पित्त या रक्त पित्त प्रधान होता है, वे आर्द्र अर्श होते हैं। इसमें खून बह रहा है। सूखे हुए अर्श में दर्द अधिक होता है। बवासीर होने के कारण (Piles or Hemorrhoids Causes) आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक कब्ज भी बवासीर का एक प्रमुख कारण है। कब्ज में मल सूखा और सख्त होता है, जिसके कारण व्यक्ति को मल त्याग करने में कठिनाई होती है। बहुत देर तक स्थिर बैठना पड़ता है। इस कारण वहां की रक्त वाहि...