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बीजेपी विधायक की शिकायत पर राजा भैया को मायावती ने भेज दिया था जेल, बाहर आने पर मुलायम ने बनाया था मंत्री

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के कुंडा से सात बार निर्दलीय विधायक बनकर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने नया रिकॉर्ड बनाया था। प्रतापगढ़ में राजा भैया का खौफ इतना है कि कोई अन्य उम्मीदवार अपने पोस्टर तक नहीं लगाता है। लेकिन एक दौर ऐसा भी आया था जब उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तब यूपी में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की सरकार थी और मुख्यमंत्री मायावती थीं। इसके बाद सपा की सरकार में वह जेल से बाहर आए और मुलायम ने उन्हें कैबिनेट में भी जगह दी थी।

साल 2002 में बीजेपी विधायक पूरन सिंह बुंदेला ने राजा भैया पर अपहरण करने और धमकाने का आरोप लगाया था। पुलिस में शिकायत के बाद मायावती ने राजा भैया और उनके पिता उदय प्रताप सिंह को जेल भेज दिया था। कुछ ही समय बाद सूबे में सत्ता परिवर्तन हो गया और राजा भैया एक बार फिर जेल से बाहर आ गए।

मायावती ने राजा भैया की गिरफ्तारी के बाद कहा था, ‘हम भयमुक्त उत्तर प्रदेश बनाना चाहते हैं और इसके लिए हमें जो भी करना पड़े हम करेंगे। दंबगई अब यूपी में बिल्कुल भी नहीं चलेगी।’ 2004 में जेल से बाहर आने के बाद राजा भैया ने कहा था, ‘मायावती के काले शासन में सामान्य न्याय से भी हम लोग वंचित रह गए। उन्हें हमें कोर्ट में पेश करना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’

राजा भैया पर क्या बोले थे मुलायम: राजा भैया ने कहा था, ‘मायावती ने हमें सिर्फ गिरफ्तार ही नहीं किया बल्कि हमारे ऊपर ‘पोटा’ भी लगा दिया था। मैं 21 महीने तक जेल में रहा था।’ निर्दलीय विधायक चुनने के बाद मुलायम सिंह यादव ने राजा भैया को कैबिनेट मंत्री तक बना दिया था। मुलायम सिंह की तारीफ करते हुए राजा भैया ने कहा था, ‘नेता जी को हमारा समर्थन जारी रहेगा। भले ही हम सदन में हों या बाहर।’

दरअसल इसके पीछे की मुख्य वजह थी जब मुलायम सिंह यादव सीएम बने थे तो राजा भैया पर लगे सभी मुकदमे वापस ले लिए गए थे। यहां तक कि मुलायम ने राजा भैया को मंत्री तक बना दिया था। सीएम बनने के बाद मुलायम ने कहा था, ‘राजा भैया का कोई भी व्यक्ति बता दो जिसने किसी को गाली दी हो, थप्पड़ मारा हो। ऐसा कोई भी शख्स तुम्हें नहीं मिलेगा। तो फिर क्यों बवाल करना।’

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