Skip to main content

Weight Loss: क्या वजन घटाने के लिए जरूरी है चावल से दूरी बनाना? जानें सच्चाई

Weight Loss Tips: शरीर पर अतिरिक्त वजन मोटापा, कार्डियोवस्कुलर डीजिज जैसी कई स्वास्थ्य-संबंधी समस्याओं का कारण बनता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है। ऐसे में लोग वजन कम करने का भरसक प्रयास करते हैं। वहीं, कई लोग वजन घटाने की उम्मीद इसलिए भी छोड़ देते हैं क्योंकि वो चावल नहीं छोड़ पाते हैं। कई लोग मोटापा कम करने में चावल से परहेज करने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से –

एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर आप वेट लॉस डाइट पर हैं तो ये सुनिश्चित करें कि रोजाना के तौर पर कुछ कैलोरीज बर्न करें। उनके मुताबिक कैलोरीज की कमी के लिए जो लोग पूरी तरह चावल से परहेज करते हैं उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं है। बस कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है। ये ग्लूटन फ्री होता है और आसानी से पच जाता है लेकिन कितनी मात्रा में खा रहे हैं, इस बात का ध्यान रखें।

करें इस चावल से परहेज: विशेषज्ञों के अनुसार सफेद चावल में किसी भी तरह का कोई पोषक तत्व नहीं होता है। इतना ही नहीं, 100 ग्राम सफेद चावल में करीब150 कैलोरीज होते हैं। साथ ही, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है जो डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है। ऐसे में वजन घटाने को इच्छुक लोग इसके सेवन से बचें। हालांकि, लोग चाहें तो ब्राउन राइस का सेवन कर सकते हैं।

कैसे करें डाइट में शामिल: चावल को किसी दूसरी चीज के साथ मिक्स न करें, जैसे कि क्रीम या फिर किसी तली-भूनी चीजें। लो कैलोरी बनाने के लिए लोग उबले चावल का सेवन कर सकते हैं। ऐसे खाने से चावल में स्टार्च की मात्रा कम हो जाती है। साथ ही, कोशिश करें कि चावल खाने के पहले या बाद में कोई और कार्ब्स के सेवन से बचें।


डाइट में शामिल करें खूब सारी सब्जियां: जैसा कि ऊपर लिखा है, अगर आप डाइट में कार्ब्स के रूप में केवल चावल का सेवन करते हैं तो इससे जल्दी ही दोबारा भूख लग जाएगी। ऐसे में खाने की थाली में खूब सारी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। आप इसे रोस्ट और ग्रिल करके खा सकते हैं, सब्जियों में फाइबर और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो पेट को लंबे समय तक भरे रखते हैं।

The post Weight Loss: क्या वजन घटाने के लिए जरूरी है चावल से दूरी बनाना? जानें सच्चाई appeared first on Jansatta.



from जीवन-शैली – Jansatta https://ift.tt/2UZgRcK

Comments

Popular posts from this blog

Redmi भारत में ला रही है अपनी पहली टीवी, 17 मार्च को होगी लॉन्च

Redmi भारत में अपनी पहली टीवी लॉन्च करने जा रही है, जिसको लेकर कंपनी ने ट्विवटर पर एक ट्वीट करके जानकारी दी है। शाओमी अभी तक भारतीय बाजार में एमआई के टीवी लॉन्च करती रही है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/3kTD1WB

Airtel 398 vs Vi 399 Plan: बेनिफिट्स में है बड़ा अंतर, कीमत में है सिर्फ 1 रुपये का फर्क, जानें कौन सा प्लान है बेस्ट

Airtel Prepaid Plan vs Vi Prepaid Plan: हम आज आपको इस बात की जानकारी देंगे कि Airtel 398 Plan और Vi 399 Plan के बीच कीमत के अलावा बेनिफिट्स में क्या-क्या अंतर है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/39NTnw8

बवासीर और फिस्टुला में अंतर कैसे करें? आचार्य बालकृष्ण से जानिए पाइल्स के रामबाण इलाज

बवासीर में ज्यादा खून बहने से शरीर में खून की कमी हो सकती है। व्यक्ति कमजोर महसूस करने लगता है। लंबे समय तक इस बीमारी के बने रहने और इलाज के अभाव में यह कोलोरेक्टल कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही बवासीर का इलाज कराएं। आइए आचार्य बालकृष्ण से घरेलू उपचार के साथ बवासीर और फिस्टुला में अंतर समझते हैं। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक पाइल्स को आयुर्वेद में ‘अर्श’ कहा गया है। यह तीन दोषों – वात, पित्त और कफ के दूषित होने के कारण होता है। इसलिए इसे त्रिदोषज रोग भी कहा जाता है। जिन बवासीर में वात या कफ प्रधान होता है, वे सूखे होते हैं। इसलिए मांसल कोशिकाओं से कोई स्राव नहीं होता है। अर्श जिसमें रक्त या पित्त या रक्त पित्त प्रधान होता है, वे आर्द्र अर्श होते हैं। इसमें खून बह रहा है। सूखे हुए अर्श में दर्द अधिक होता है। बवासीर होने के कारण (Piles or Hemorrhoids Causes) आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक कब्ज भी बवासीर का एक प्रमुख कारण है। कब्ज में मल सूखा और सख्त होता है, जिसके कारण व्यक्ति को मल त्याग करने में कठिनाई होती है। बहुत देर तक स्थिर बैठना पड़ता है। इस कारण वहां की रक्त वाहि...