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सौरव गांगुली ने खास वजह से घर में सजा रखी हैं 25 साल पुरानी शैम्पेन की बोतलें, बेटी सना को बताया था ‘महल’ की असली मालकिन

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता,’ ‘बंगाल टाइगर’ के नाम से भी जाने जाते हैं। सौरव गांगुली अपनी लाइफस्टाइल के जरिए अपने इन उपनामों को चरितार्थ भी करते हैं। ‘एशियन पेंट्स सीजन-2’ के एक एपिसोड में उनकी शानो-शौकत की झलक साफ दिखाई दी थी।

वीडियो में सौरव गांगुली ने अपने महलनुमा घर, उसमें रहने वाले लोगों और क्रिकेट के प्रति उनके परिवार की दीवानगी के बारे में खुलकर बातें की थीं। मार्च 2018 में यूट्यूब पर शेयर किए गए इस वीडियो में सौरव गांगुली ने बताया था कि उनका घर वह जगह है, जहां उन्होंने अपने जीवन के 44 साल बिताए। वह कहते हैं कि जब इस एरिना में प्रवेश करते हैं तो खुद में बहुत कम्फर्ट महसूस करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे लोग जो इस घर में रहते हैं, जो मकान को घर बनाते हैं।

इस दौरान सौरव गांगुली ने बताया था कि उन्होंने 25 साल पुरानी शैम्पेन की दो बोतलों को क्यों अपने घर में अब तक सजा कर रखे हुआ है। आठ जुलाई 1972 को कोलकाता के बेहला में जन्में सौरव कहते हैं कि उन्होंने 1996 में इंग्लैंड में लगातार दो शतक लगाए थे। तब उन्हें ये शैम्पेन की बोतलें उपहार स्वरूप मिली थीं। उन्होंने बताया, ‘मैं जब लौटा तो मैंने शैम्पेन की बोतलें तो खोल दीं, लेकिन उन बोतलों को यादों के रूप में अब तक संजोकर रखा हुआ है।’

/सौरव गांगुली के घर का लिविंग एरिया। (सोर्स- स्क्रीनशॉट Asian Paints यूट्यूब वीडियो)
सौरव गांगुली के घर का एक हिस्सा यह भी है। (सोर्स- स्क्रीनशॉट Asian Paints यूट्यूब वीडियो)
सौरव गांगुली के घर में महंगे फर्नीचर हैं। (सोर्स- स्क्रीनशॉट Asian Paints यूट्यूब वीडियो)
सौरव गांगुली के घर का डाइनिंग एरिया। (सोर्स- स्क्रीनशॉट Asian Paints यूट्यूब वीडियो)
सौरव गांगुली के घर का वह हिस्सा जहां उनकी क्रिकेट से जुड़ी यादें हैं। (सोर्स- स्क्रीनशॉट Asian Paints यूट्यूब वीडियो)
खास यह है कि सौरव गांगुली के इस हिस्से को उनके पिता ने विशेष रूप से बनवाया था। (सोर्स- स्क्रीनशॉट Asian Paints यूट्यूब वीडियो)
सौरव गांगुली के घर में उनकी आदमकद की प्रतिमा भी लगी हुई है। (सोर्स- स्क्रीनशॉट Asian Paints यूट्यूब वीडियो)

सौरव ने यह भी बताया कि यदि शैम्पेन की बोतलों को बहुत दिनों तक ह्यूमिड जगह पर रखते हैं तो वह फट सकती हैं, इसीलिए उन्होंने इन्हें ओपन कर दिया था। साल 1996 में सौरव ने इंग्लैंड में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था। अगले टेस्ट में उन्होंने दूसरा टेस्ट शतक लगाया था।

सौरव गांगुली ने बताया कि वह मूलतः मैं राइट हैंड पर्सन हूं। उन्होंने कहा, ‘मैं सीधे हाथ से खाना खाता हूं। मैं सीधे हाथ से लिखता हूं। मैं बॉल थ्रो भी राइट हैंड से करता हूं, लेकिन बल्ला बाएं हाथ से पकड़ता हूं।’

बेटी सना के बारे में गांगुली ने कहा, ‘यह इस घर की सबसे महत्वपूर्ण सदस्य है। मेरी मां, मेरे भाई, मेरे कजिंस सब हैं, लेकिन यह सबसे पहले सना का घर है, इसलिए मैं उससे कहता रहता हूं कि कृपया हमें यहां रहने की मंजूरी दें।’

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