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Fatty Liver: बढ़ते वजन के कारण हो सकती है लिवर से संबंधित परेशानियां, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

खराब लाइफस्टाइल और डाइट के कारण कई गंभीर बीमारियां आम हो गई हैं। ऐसी ही एक बीमारी का नाम है- फैटी लिवर। फैटी लिवर के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इसका समय पर इलाज करवाना भी बहुत जरूरी है। अगर फैटी लिवर के मरीज का समय पर इलाज नहीं करवाया जाए तो इससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी तक भी हो सकती है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप समय रहते इसके लक्षण से पहचान कर तुरंत इसका इलाज करवाएं।

नारायणा अस्पताल के डॉक्टर नवीन कुमार अपने वीडियो में बताते हैं, ‘फैटी लिवर ऐसी बीमारी है जिसमें लिवर के अंदर अधिक मात्रा में चर्बी जमा हो जाती है। ये भारत में 20-30 प्रतिशथ लोगों को होता है। फैटी लिवर आमतौर पर उन लोगों को होता है जिन्हें शुगर की बीमारी है या जिनका वजन पहले से ज्यादा है। हालांकि कई लोगों में नॉर्मल वजन होने के बाद भी फैटी लिवर की समस्या हो सकती है, लेकिन इसके बाद अचानक तेजी से वजन बढ़ना भी शुरू हो जाता है।’

जोखिम: फैटी लिवर होने के बाद अंदर की तरफ इसमें सूजन भी आ जाती है। इससे बाद में सिरोसिस भी हो सकता है। इसके बाद लिवर कैंसर या लिवर फेल तक भी हो सकता है।

लक्षण: ये एक ऐसी बीमारी जिसे आप शुरुआत में शायद नहीं पकड़ सकते हैं क्योंकि ये पहले पता ही नहीं चल पाती है। लेकिन एक साधारण लक्षण ये है कि जल्दी थकान और पेट में दर्द हो सकता है। फैटी लीवर सिंड्रोम या बीमारी होने की स्थिति में लिवर पर फैट जमा हो जाता है। फैट जमा होने के कारण लिवर पर सूजन आ जाती है। शरीर के पेट के हिस्से में जहां पर लिवर होता है वहां पर सूजन दिखाई देती है। फैटी लीवर की बीमारी होने पर व्यक्ति थका थका महसूस करता है। वहीं लिवर कमजोर होने की स्थिति में खून आना, पीलिया या खुजली जैसी चीजें होना शुरू हो सकती है।

कैसे बचें? अगर हम बात करें कि फैटी लिवर की समस्या से कैसे बचा जा सकता है तो इसका एक ही जवाब है कि आप अच्छा खानपान खाएं और रोज़ाना योगा या व्यायाम करें। दूसरा कम से कम तनाव लें। अधिक वसायुक्त चीजें, तली भुनी चीजें तथा जंक फूड्स इत्यादि के सेवन से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है।

कैसे करें पहचान? इसका सबसे आसान तरीका है कि आप अपने लिवर की जांच करवाएं। जिसे LFT टेस्ट भी कहा जाता है। अल्ट्रा साउंड, फाइब्रेस्कैन, एमआरआई से इसका असानी से पता किया जा सकता है। अगर इलाज की बात करें तो इसके इलाज के लिए कोई दवाई अभी तक नहीं बनी है। जिन लोगों को शुगर होती है तो उन्हें इसे कंट्रोल करना चाहिए या जिन्हें कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो उन्हें इसे कंट्रोल करना चाहिए। ज्यादा वजन वाले मरीजों को वजन कम करना चाहिए। अगर रोज़ाना वर्कआउट और अच्छा खाना खाते हैं तो ये खुद भी ठीक हो सकता है।

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