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Pain Relief: पैरों की सूजन और दर्द से निजात दिलाएंगे बाबा रामदेव के ये 2 योगासन

रोजमर्रा की भाग-दौड़ और दिन भर की मसरूफियत का असर पैरों पर सबसे ज्यादा दिखता है। बिस्तर से उठते ही मसरूफियत का दौर शुरु हो जाता है, जिससे सबसे ज्यादा थकान हमारे पैरों को होती है। रात को बिस्तर तक पहुंचने से पहले ही हमारे पैर जवाब देने लगते हैं। कई बार पैरों में दर्द इतना ज्यादा होता है कि उससे पैरों में सूजन आ जाती है। कभी कभी पैरों में दर्द और सूजन का होना थकान का नतीजा होता है लेकिन लगातार दर्द और सूजन का होना कई परेशानियों का संकेत हैं।

आमतौर पर पैरों में सूजन वजन अधिक होने, ज्यादा देर तक बैठने, प्रेग्नेंसी, बढ़ती उम्र, या खान पान में खराबी की वजह से आती है। इसके अलावा डायबिटीज और लीवर की परेशानी की वजह से भी पैरों में सूजन आ सकती है। पैरों में दर्द और सूजन आपके फुटवियर की वजह से भी आती है।

आपके भी पैरों में दर्द रहता है और दर्द के साथ पैरों में सूजन भी आती हैं तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और बाबा राम देव के बताएं गए योगासन को कीजिए। योग के जरिए आप पैरों के दर्द और सूजन को दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं पैरों का दर्द दूर करने के लिए दो असरदार योगा कौन से हैं।

त्रिकोणासन: त्रिकोणासन पैरों के दर्द और सूजन को दूर करने में बेहद असरदार है। इस आसन को करने से पैरों के दर्द और सूजन से निजात मिलती है। इसे करने से गर्दन, पीठ, कमर और पैर के स्नायु मजबूत होते हैं। ये आसन बॉडी के संतुलन को बनाए रखता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। पैरों में दर्द और सूजन चाहे मोटापा की वजह से हो या फिर लीवर की परेशानी की वजह से हो सबका उपचार करता है। इसे करने से तनाव दूर होता है साथ ही कमर और पैरों के दर्द से निजात मिलती है। ये योगा मोटापा को कम करने में भी असरदार है।

त्रिकोणासन कैसे करें: इस योगा को करने के लिए सीधे खड़े हो जाए और दोनों पैरों के बीच तीन फुट की दूर रखें। शरीर का भार दोनों पैरों पर बराबर रखें और गहरी सांस लें। दायें हाथ को दायें पैर के अंगूठे पर रखें और बायें हाथ को आसमान की ओर सीधा उठाएं। ध्यान रखें कि बाया हाथ सिर के बिल्कुल ऊपर हो। सिर को आसमान की तरफ उठाएं और ऊपर देखें। इस योगा को करते समय गहरी सांस लें और छोड़ें।

पार्श्व उत्तान आसन: ये आसन पैरों के दर्द को दूर करने के लिए बेहतरीन उपचार है। इसे करने से बॉडी को कई तरह से फायदा पहुंचता है। ये रीढ़ की हड्डी, कूल्हों, कंधों, हॅम्स्ट्रिंग और कलाईयों में खिचाव लाता है। इसे करने से पैर मजबूत होते है और पैरों के दर्द और सूजन से निजात मिलती है। ये योगा दिमाग को शांत करता है और पाचन में सुधार लाता है। गर्दन, कंधे, कोहनी और कलाई में गठिया के दर्द को कम करने में मददगार है।

पार्श्व उत्तान आसन कैसे करें: इस आसन को करने के लिए पैरों को फैला कर खड़े हो जाए और दाहिनी तरफ ऐसे मुड़ें की पैरों के पंजें भी साथ में घूमेंगे। सांस तेजी से अंदर लें और हाथों को ऊपर करें और सांस को छोड़ते हुए नीचे झुकें। जितना संभव हो, हाथों को जमीन से लगा दें और सिर भी नीचे रहेगा। इस आसन को करने से पैरों के दर्द और सूजन से निजात मिलेगी।



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