Skip to main content

Weight Loss: बाबा रामदेव के टिप्स: गर्म पानी पिएं, थोड़ा-थोड़ा खाएं और इन चीजों का करें सेवन, फैट हो जाएगा छूमंतर

बढ़ता वजन सबके लिए परेशानी है। तनाव, अनियमित खान-पान, खराब जीवन शैली वजन बढ़ने का कारण है। बढ़ता वजन लोगों की पर्सनालिटी को खराब करता है, साथ ही कई बीमारियों का शिकार भी बना देता है। वेट पुट ऑन होने पर सबसे ज्यादा असर बेली फैट पर पड़ता है। कपड़ों से बाहर निकला हुआ पेट सारी पर्सनालिटी को बिगाड़ देता है। वजन घटाने के लिए हम तरह-तरह के नुस्खें आजमाते हैं, घंटों जिम में वर्कआउट करते हैं डाइट पर कंट्रोल करते हैं फिर भी वजन कंट्रोल नहीं होता।

आप भी बढ़ते वजन से परेशान हैं तो आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाएं। आयुर्वेद में मोटापा को कंट्रोल करने के लिए असरदार उपाय मौजूद हैं जो तेजी से वजन को कंट्रोल करते हैं। आयुर्वेदिक गुरु बाबा रामदेव से जानते हैं कि वजन को कंट्रोल करने के लिए कौन-कौन से उपायों को अपना सकते हैं।

गौ मूत्र का सेवन करें: वजन को कंट्रोल करने के लिए गौ मूत्र का सेवन करें। ये वसा को जमा होने से रोकता है और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। हाइपरलिपीडेमिया और कोलेस्ट्रॉल को रोकता है। शरीर में विभिन्न टॉक्सिन के लिए एंटीडोट के रूप में काम करता है। ये ब्लड को शुद्ध करता है और मोटापा को कंट्रोल करता है।

अश्वगंधा के पत्तों का सेवन करें: अश्वगंधा का पत्ता खाने से एक महीने में तीन किलों तक वजन को कम किया जा सकता है। अश्वगंधा के 3-3 पत्ते सुबह, दोपहर और शाम में सेवन करें आपको एक महीने में ही फर्क नजर आएगा।

प्यास लगे तो सिर्फ गर्म पानी पीएं: जब भी प्यास लगे तो ठंडा पानी नहीं सिर्फ गर्म पानी का ही सेवन करें। गर्म पानी औषधीय गुणों से भरपूर होता है जो तेजी से वजन को कम करने में असरदार साबित होता है। गर्म पानी का सेवन अस्थमा के मरीजों के लिए भी फायदेमंद होता है।

मोटे अनाज का सेवन करें: वजन कम करना चाहते हैं तो अनाज का सेवन कम करें। अनाज में सिर्फ मोटे अनाज का ही सेवन करें। खाने में साख-सब्जी और फलों का सेवन करें। फलों में तरबूज का सेवन करें। तरबूज का सेवन करने से वजन तेजी से कम होता है और बॉडी में पानी की कमी भी परी होती है।

कम-कम खाएं और दिन में 4 बार खाएं: वजन को कम करना चाहते हैं तो पेट भरके खाना नहीं खाएं। जितनी भूख है उससे कम खाएं आपका मोटापा कंट्रोल रहेगा। आप दिन में खाने का सेवन चार बार करें आपकी भूख शांत होगी और आपका वजन भी कंट्रोल रहेगा।



from Lifestyle News in Hindi (जीवन-शैली):Latest Fashion Trends, Health and Beauty Tips | Jansatta https://ift.tt/k1ItHN7

Comments

Popular posts from this blog

Redmi भारत में ला रही है अपनी पहली टीवी, 17 मार्च को होगी लॉन्च

Redmi भारत में अपनी पहली टीवी लॉन्च करने जा रही है, जिसको लेकर कंपनी ने ट्विवटर पर एक ट्वीट करके जानकारी दी है। शाओमी अभी तक भारतीय बाजार में एमआई के टीवी लॉन्च करती रही है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/3kTD1WB

Airtel 398 vs Vi 399 Plan: बेनिफिट्स में है बड़ा अंतर, कीमत में है सिर्फ 1 रुपये का फर्क, जानें कौन सा प्लान है बेस्ट

Airtel Prepaid Plan vs Vi Prepaid Plan: हम आज आपको इस बात की जानकारी देंगे कि Airtel 398 Plan और Vi 399 Plan के बीच कीमत के अलावा बेनिफिट्स में क्या-क्या अंतर है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/39NTnw8

बवासीर और फिस्टुला में अंतर कैसे करें? आचार्य बालकृष्ण से जानिए पाइल्स के रामबाण इलाज

बवासीर में ज्यादा खून बहने से शरीर में खून की कमी हो सकती है। व्यक्ति कमजोर महसूस करने लगता है। लंबे समय तक इस बीमारी के बने रहने और इलाज के अभाव में यह कोलोरेक्टल कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही बवासीर का इलाज कराएं। आइए आचार्य बालकृष्ण से घरेलू उपचार के साथ बवासीर और फिस्टुला में अंतर समझते हैं। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक पाइल्स को आयुर्वेद में ‘अर्श’ कहा गया है। यह तीन दोषों – वात, पित्त और कफ के दूषित होने के कारण होता है। इसलिए इसे त्रिदोषज रोग भी कहा जाता है। जिन बवासीर में वात या कफ प्रधान होता है, वे सूखे होते हैं। इसलिए मांसल कोशिकाओं से कोई स्राव नहीं होता है। अर्श जिसमें रक्त या पित्त या रक्त पित्त प्रधान होता है, वे आर्द्र अर्श होते हैं। इसमें खून बह रहा है। सूखे हुए अर्श में दर्द अधिक होता है। बवासीर होने के कारण (Piles or Hemorrhoids Causes) आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक कब्ज भी बवासीर का एक प्रमुख कारण है। कब्ज में मल सूखा और सख्त होता है, जिसके कारण व्यक्ति को मल त्याग करने में कठिनाई होती है। बहुत देर तक स्थिर बैठना पड़ता है। इस कारण वहां की रक्त वाहि...