Skip to main content

पेट में बढ़ी हुई चर्बी से हैं परेशान? इस एक फल का रोजाना पियें जूस, तेजी से कम हो सकता है वजन!

बढ़ते मोटापा से आजकल हर कोई परेशान है। कम शारीरिक श्रम और कम कैलोरी खर्च करने की वजह से मोटापा तेजी से फैलने वाली बीमारी बनती जा रही है। लोग इससे निजात पाने के लिए जिम में घंटो पसीना बहाते हैं। ऐेसे में तमाम घरेलू नुस्खे ऐसे हैं जो मोटापे से परेशान लोगों को इससे निजात दिलाने में काफी मदद करते हैं। इसमें कई तरह के फलों का सेवन भी शामिल है। ऐसा ही एक फल है, चीकू। इसे खाने से वजन बढ़ने पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है।

चीकू खाने से मेटाबॉलिज्म अच्छा रहता है। चीकू खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है। जिससे भूख कम लगती है और वजन आसानी से कम किया जा सकता है। इसके अलावा चीकू में कैंसर रोधी गुण अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।

चीकू एक पोषक तत्वों से भरपूर बेहद मीठा फल होता है, जिसका सेवन शरीर में तमाम आवश्यक विटामिन्स और मिनरल्स की पूर्ति भी करता है और साथ ही मोटापे को भी नियंत्रित करता है। इसमें 71 प्रतिशत पानी, 1.5 प्रतिशत प्रोटीन, 1.5 प्रतिशत फैट और 25 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पाई जाती है। इसमें विटामिन ए, सी, फॉस्फोरस और आयरन भी काफी मात्रा में पाया जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेट्री एजेंट भी होते हैं। चीकू पेट से संबंधित सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है।

चीकू गैस्ट्रिक एंजाइमों को खत्म करके पाचन तंत्र को मजबूत करता है। इसमें फैट की मात्रा काफी कम होती है। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखता है। जो वजन को कम रखने में मददगार है। बहुत से लोगों को चीकू खाना पसंद नहीं होता है। ऐसे लोग चीकू के जूस का सेवन कर सकते हैं।

ऐसे बनाएं चीकू का जूस: तीन चीकू को छीलकर तथा उसके बीज निकालकर उसमें एक कप क्रीम, 2 गिलास दूध, 5 चम्मच चीनी मिलाकर अच्छी तरह से मिश्रण बना लें। इस मिश्रण का सेवन करने से पाचन तंत्र तंदुरुस्त रहता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। इन सबके अलावा इसके नियमित सेवन से आंखों की रोशनी बढ़ती है। कैल्शियम और आयरन का अच्छा स्रोत होने के कारण यह हड्डियों को मजबूत भी बनाता है। त्वचा में निखार लाने के लिए भी यह बेहतरीन नुस्खा है।

क्या सेहत के लिए अच्छा है चीकू: चीकू एक ऐसा फल है जो अपने आप में पोषक तत्वों का खजाना है। रोजाना चीकू खाने से त्वचा, दिमाग और पाचन क्रिया अच्छी रहती है। चीकू कमजोरी को दूर करने में भी मदद करता है।



from Lifestyle News in Hindi (जीवन-शैली):Latest Fashion Trends, Health and Beauty Tips | Jansatta https://ift.tt/zIrlvD0

Comments

Popular posts from this blog

Redmi भारत में ला रही है अपनी पहली टीवी, 17 मार्च को होगी लॉन्च

Redmi भारत में अपनी पहली टीवी लॉन्च करने जा रही है, जिसको लेकर कंपनी ने ट्विवटर पर एक ट्वीट करके जानकारी दी है। शाओमी अभी तक भारतीय बाजार में एमआई के टीवी लॉन्च करती रही है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/3kTD1WB

Airtel 398 vs Vi 399 Plan: बेनिफिट्स में है बड़ा अंतर, कीमत में है सिर्फ 1 रुपये का फर्क, जानें कौन सा प्लान है बेस्ट

Airtel Prepaid Plan vs Vi Prepaid Plan: हम आज आपको इस बात की जानकारी देंगे कि Airtel 398 Plan और Vi 399 Plan के बीच कीमत के अलावा बेनिफिट्स में क्या-क्या अंतर है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/39NTnw8

बवासीर और फिस्टुला में अंतर कैसे करें? आचार्य बालकृष्ण से जानिए पाइल्स के रामबाण इलाज

बवासीर में ज्यादा खून बहने से शरीर में खून की कमी हो सकती है। व्यक्ति कमजोर महसूस करने लगता है। लंबे समय तक इस बीमारी के बने रहने और इलाज के अभाव में यह कोलोरेक्टल कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही बवासीर का इलाज कराएं। आइए आचार्य बालकृष्ण से घरेलू उपचार के साथ बवासीर और फिस्टुला में अंतर समझते हैं। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक पाइल्स को आयुर्वेद में ‘अर्श’ कहा गया है। यह तीन दोषों – वात, पित्त और कफ के दूषित होने के कारण होता है। इसलिए इसे त्रिदोषज रोग भी कहा जाता है। जिन बवासीर में वात या कफ प्रधान होता है, वे सूखे होते हैं। इसलिए मांसल कोशिकाओं से कोई स्राव नहीं होता है। अर्श जिसमें रक्त या पित्त या रक्त पित्त प्रधान होता है, वे आर्द्र अर्श होते हैं। इसमें खून बह रहा है। सूखे हुए अर्श में दर्द अधिक होता है। बवासीर होने के कारण (Piles or Hemorrhoids Causes) आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक कब्ज भी बवासीर का एक प्रमुख कारण है। कब्ज में मल सूखा और सख्त होता है, जिसके कारण व्यक्ति को मल त्याग करने में कठिनाई होती है। बहुत देर तक स्थिर बैठना पड़ता है। इस कारण वहां की रक्त वाहि...