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स्वामी राम देव के इन योगआसनों के जरिए कम कर सकते हैं यूरिक एसिड, दर्द भी होगा दूर

आजकल के खराब लाइफस्टाइल और खान-पान से कई प्रकार की समस्याएं हो जाती हैं जिसमे से एक यूरिक एसिड भी है। यूरिक एसिड एक प्रकार का कार्बनिक पदार्थ है जो शरीर में पाया जाता है , किडनी शरीर से यूरिक एसिड को फिल्टर कर देती है लेकिन कई बार शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जिस कारण कई प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं जैसे कि – जोड़ों में दर्द , हाथों-पैरों में सूजन , उठने-बैठने में परेशानी आदि।   

 यूरिक एसिड को कम करने के लिए लोग अलग-अलग तरह के उपाय करते हैं लेकिन लम्बें समय तक इनसे फायदा नहीं मिल पता है। योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार योग से कई प्रकार की बीमारियों को ठीक किया जा सकता हैं।ऐसे में उन्होंने बताया कि योग करने से यूरिक एसिड के मरीजों को भी लाभ मिलता है ,आइये बाबा रामदेव से जानते हैं किन योगासनों के जरिए यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है –

ताड़ासन : स्वामी रामदेव बताते हैं की ताड़ासन करने से यूरिक एसिड को कम करने में मदद मिलेगी। रोजाना ताड़ासन करने से शरीर में बनने वाला यूरिक एसिड भी कम होगा इसके अलावा इस योगासन से जोड़ों व कमर दर्द से पीड़ित लोगों को भी राहत मिलेगी। बता दें ताड़ासन करने से सिर्फ यूरिक एसिड  की मात्रा ही काम नहीं होती है बल्कि यह आसन मानसिक और शारीरिक संतुलन को भी विकसित करने में मदद करता है व शरीर के पोस्चर को भी ठीक रखता है।  

गोमुखासन: बाबा रामदेव के अनुसार गोमुखासन योग करने से बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल  किया जा सकता है और यूरिक एसिड से होने वाली परशानियों को भी रोजाना इस आसन को करने से कम किया जा सकता है। इसके अलावा यह आसन पीठ और हाथों की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाने में मदद करता है।  

कपालभाति : कपालभाति करने से हमारे शरीर को कई फायदे मिलते हैं।  रोजाना कपालभाति करने से न सिर्फ शरीर का संतुलन बना रहता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी लाभ मिलता है।बता दें कि कपालभाति करने से बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करने में भी मदद मिलती है और यह हमारे शरीर को अन्य बीमारियों के खतरे से भी बचाता है।   



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