Skip to main content

Kidney Failure: आपकी इन गलतियों की वजह से फेल हो सकती है किडनी, जानिए कैसे गुर्दा फेल होने से बचाएं

किडनी फेल होने का खतरा: हमारे शरीर में मौजूद दोनों किडनी का महत्व बहुत ज्यादा होता है, इसलिए इनकी देखभाल करना बेहद जरूरी है, अगर यह उम्र के किसी भी पड़ाव पर खराब हो जाए तो यह जानलेवा हो जाती है। आमतौर पर मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप के कारण हमारी किडनी को बहुत नुकसान होता है।

हमारे गुर्दे के स्वास्थ्य के लिए रक्त और मूत्र परीक्षण किया जाता है, जिसकी सहायता से एल्ब्यूमिन नामक प्रोटीन का पता लगाया जाता है, जो स्वस्थ गुर्दे में मौजूद नहीं होता है। किडनी का काम हमारे शरीर के तरल पदार्थों को फिल्टर करना है।

किडनी शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग: अगर आप किडनी को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि शरीर में पानी की सही मात्रा बनी रहे। इससे किडनी की बीमारियों का खतरा कम होता है। आइए आज जानते हैं कि किडनी खराब होने से कैसे बचा जा सकता है।

किडनी खराब होने से बचने के उपाय

  • खुद को स्वस्थ रखें और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाएं।
  • रक्तचाप को बनाए रखें क्योंकि यह किडनी के स्वास्थ्य की दिशा में पहला कदम है।
  • शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें क्योंकि डायबिटीज के मरीजों को इसका खतरा ज्यादा होता है।
  • दैनिक भोजन में स्वस्थ आहार को ही शामिल करें, यही स्वास्थ्य की कुंजी है।
  • पानी का सेवन बहुत कम या ज्यादा न होने दें, इससे किडनी को फिल्टर करने में दिक्कत होती है।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना 2 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।
  • अपना वजन न बढ़ने दें, जहां तक ​​हो सके पेट और कम चर्बी कम करने की कोशिश करें।
  • अपने दैनिक नमक के सेवन को नियंत्रित करें, क्योंकि यह बीपी को बढ़ाता है।
  • डॉक्टर्स के मुताबिक दिन में सिर्फ 5 से 6 ग्राम नमक ही खाना चाहिए।
  • अपनी बिगड़ती जीवनशैली को बदलें और उचित दिनचर्या का पालन करें।
  • कोशिश करें कि ताजा खाना ही खाएं, बासी खाने से किडनी खराब होगी।
  • सिगरेट, बीड़ी, हुक्का या किसी अन्य तरीके से धूम्रपान न करें।
  • कुछ दवाएं किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह लें।
  • शराब का सेवन है किडनी खराब होने की बड़ी वजह है, आज ही छोड़ दें यह लत।


from Lifestyle News in Hindi (जीवन-शैली):Latest Fashion Trends, Health and Beauty Tips | Jansatta https://ift.tt/MVJsofA

Comments

Popular posts from this blog

Redmi भारत में ला रही है अपनी पहली टीवी, 17 मार्च को होगी लॉन्च

Redmi भारत में अपनी पहली टीवी लॉन्च करने जा रही है, जिसको लेकर कंपनी ने ट्विवटर पर एक ट्वीट करके जानकारी दी है। शाओमी अभी तक भारतीय बाजार में एमआई के टीवी लॉन्च करती रही है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/3kTD1WB

Airtel 398 vs Vi 399 Plan: बेनिफिट्स में है बड़ा अंतर, कीमत में है सिर्फ 1 रुपये का फर्क, जानें कौन सा प्लान है बेस्ट

Airtel Prepaid Plan vs Vi Prepaid Plan: हम आज आपको इस बात की जानकारी देंगे कि Airtel 398 Plan और Vi 399 Plan के बीच कीमत के अलावा बेनिफिट्स में क्या-क्या अंतर है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/39NTnw8

बवासीर और फिस्टुला में अंतर कैसे करें? आचार्य बालकृष्ण से जानिए पाइल्स के रामबाण इलाज

बवासीर में ज्यादा खून बहने से शरीर में खून की कमी हो सकती है। व्यक्ति कमजोर महसूस करने लगता है। लंबे समय तक इस बीमारी के बने रहने और इलाज के अभाव में यह कोलोरेक्टल कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही बवासीर का इलाज कराएं। आइए आचार्य बालकृष्ण से घरेलू उपचार के साथ बवासीर और फिस्टुला में अंतर समझते हैं। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक पाइल्स को आयुर्वेद में ‘अर्श’ कहा गया है। यह तीन दोषों – वात, पित्त और कफ के दूषित होने के कारण होता है। इसलिए इसे त्रिदोषज रोग भी कहा जाता है। जिन बवासीर में वात या कफ प्रधान होता है, वे सूखे होते हैं। इसलिए मांसल कोशिकाओं से कोई स्राव नहीं होता है। अर्श जिसमें रक्त या पित्त या रक्त पित्त प्रधान होता है, वे आर्द्र अर्श होते हैं। इसमें खून बह रहा है। सूखे हुए अर्श में दर्द अधिक होता है। बवासीर होने के कारण (Piles or Hemorrhoids Causes) आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक कब्ज भी बवासीर का एक प्रमुख कारण है। कब्ज में मल सूखा और सख्त होता है, जिसके कारण व्यक्ति को मल त्याग करने में कठिनाई होती है। बहुत देर तक स्थिर बैठना पड़ता है। इस कारण वहां की रक्त वाहि...