Skip to main content

सर्दियों के मौसम में फट रहे हैं गाल और होंठ? छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये खास नुस्खे

सर्दियों के मौसम में त्वचा का फटना अब आम समस्या बन गई है। हवा में मौजूद रूखापन, स्किन से नमी को छीन लेता है, जिससे स्किन फटनी शुरू हो जाती है। ठंड के दौरान अधिकतर होंठों और गालों की त्वचा फटती है। इसके अलावा अधिक केमिकलुयक्त मेकअप का इस्तेमाल, तनाव और प्रदूषण के कारण त्वचा फटने लगती है। त्वचा के फटने से ना सिर्फ खूबसूरती प्रभावित होती है बल्कि कई बार दर्द और खून निकलने की समस्या भी हो जाती है।

फटी स्किन से छुटकारा पाने के लिए लोग कई-कई बार मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि घरेलू उपायों के जरिए भी फटे गालों और होंठों की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

हल्दी और शहद: अपने गालों की गुलाबी रंगत वापस पाने के लिए आप हल्दी और शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए हल्दी में शहद की कुछ बूंदें मिला लें। अब इसमें थोड़ा-सा पाउडर मिला लें। अब इस पेस्ट को अपने फटे गाल और होंठों पर अप्लाई करें। 20 मिनट तक सूखाने के बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें। आप इस नुस्खे का इस्तेमाल हफ्ते में 3 बार कर सकते हैं। शहद जहां त्वचा में नमी को बरकरार रखता है, वहीं हल्दी स्किन को हील करती है।

देसी घी और शहद: ग्लोइंग स्किन को पाने के लिए सर्दियों के मौसम में देसी घी फायदेमंद साबित हो सकता है। गालों के रूखेपन को दूर करने के लिए थोड़े से शहद में देसी घी की कुछ बूंदें मिला लें। अब इस पेस्ट को चेहरे के प्रभावित हिस्से पर लगाएं। करीब 5-10 मिटन तक चेहरे की अच्छी-तरह से मसाज करने के बाद, स्किन को सादे पानी से धो लें। इससे स्किन पर नेचुरल ग्लो आने लगता है।

मलाई का करें इस्तेमाल: त्वचा पर मलाई लगाने से त्वचा को पोषण मिलता है। इससे त्वचा पर एक कोटिंग बन जाती है जो कि त्वचा को फटने से बचाती है। मलाई की ठंडक त्वचा की जलन को भी शांत करती है। ऐसे में आप अपनी फटी स्किन से निजात पाने के लिए मलाई का भी कर सकते हैं।

इन नुस्खों के जरिए आप सर्दियों के मौसम में अपनी त्वचा की खूबसूरती को बरकरार रख सकते हैं।

The post सर्दियों के मौसम में फट रहे हैं गाल और होंठ? छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये खास नुस्खे appeared first on Jansatta.



from जीवन-शैली – Jansatta https://ift.tt/2ZFFIEY

Comments

Popular posts from this blog

Redmi भारत में ला रही है अपनी पहली टीवी, 17 मार्च को होगी लॉन्च

Redmi भारत में अपनी पहली टीवी लॉन्च करने जा रही है, जिसको लेकर कंपनी ने ट्विवटर पर एक ट्वीट करके जानकारी दी है। शाओमी अभी तक भारतीय बाजार में एमआई के टीवी लॉन्च करती रही है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/3kTD1WB

Airtel 398 vs Vi 399 Plan: बेनिफिट्स में है बड़ा अंतर, कीमत में है सिर्फ 1 रुपये का फर्क, जानें कौन सा प्लान है बेस्ट

Airtel Prepaid Plan vs Vi Prepaid Plan: हम आज आपको इस बात की जानकारी देंगे कि Airtel 398 Plan और Vi 399 Plan के बीच कीमत के अलावा बेनिफिट्स में क्या-क्या अंतर है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/39NTnw8

बवासीर और फिस्टुला में अंतर कैसे करें? आचार्य बालकृष्ण से जानिए पाइल्स के रामबाण इलाज

बवासीर में ज्यादा खून बहने से शरीर में खून की कमी हो सकती है। व्यक्ति कमजोर महसूस करने लगता है। लंबे समय तक इस बीमारी के बने रहने और इलाज के अभाव में यह कोलोरेक्टल कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही बवासीर का इलाज कराएं। आइए आचार्य बालकृष्ण से घरेलू उपचार के साथ बवासीर और फिस्टुला में अंतर समझते हैं। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक पाइल्स को आयुर्वेद में ‘अर्श’ कहा गया है। यह तीन दोषों – वात, पित्त और कफ के दूषित होने के कारण होता है। इसलिए इसे त्रिदोषज रोग भी कहा जाता है। जिन बवासीर में वात या कफ प्रधान होता है, वे सूखे होते हैं। इसलिए मांसल कोशिकाओं से कोई स्राव नहीं होता है। अर्श जिसमें रक्त या पित्त या रक्त पित्त प्रधान होता है, वे आर्द्र अर्श होते हैं। इसमें खून बह रहा है। सूखे हुए अर्श में दर्द अधिक होता है। बवासीर होने के कारण (Piles or Hemorrhoids Causes) आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक कब्ज भी बवासीर का एक प्रमुख कारण है। कब्ज में मल सूखा और सख्त होता है, जिसके कारण व्यक्ति को मल त्याग करने में कठिनाई होती है। बहुत देर तक स्थिर बैठना पड़ता है। इस कारण वहां की रक्त वाहि...