Skip to main content

सुबह उठकर अपनाएं ये Skin Care रूटीन, ठंड में भी मिलेगी बेदाग और निखरी त्वचा

ठंड ने दस्तक दे दी है। सर्दियों के मौसम में शुष्क वातावरण और ठंडी हवा के कारण त्वचा ड्राई होकर फटने लगती है। इस दौरान कई लोगों का चेहरा बेरंग और फीका होकर अपना निखार खो देता है। इसलिए ठंड के दौरान त्वचा का अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हर मौसम में स्किन केयर रूटीन अलग होता है। इसलिए मौसम में बदलाव के साथ ही अपनी त्वचा की देखभाल में भी बदलाव कर देना चाहिए।

सर्दियों के दौरान अगर आप अपनी स्किन का खोया हुआ निखार वापस पाना चाहते हैं तो आपको अपने सुबह के स्किन केयर रूटीन में बदलाव करना होगा। आप अपनी त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए इन टिप्स की मदद ले सकते हैं।

गुनगुने पानी से करें दिन की शुरुआत: भारतीय घरों में अक्सर लोग अपने दिन की शुरुआत चाय या फिर कॉफी से करते हैं। हालांकि त्वचा रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि खूबसूरत त्वचा पाने के लिए व्यक्ति को अपने दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी से करनी चाहिए। सुबह के समय गुनगुने पानी का सेवन करने से त्वचा हाइड्रेटेड रहती है और शरीर से सभी विषाक्त पदार्थ दूर हो जाते हैं। आप चाहें तो पानी में नींबू डालकर भी पी सकते हैं।

चेहरे को करें साफ: सुबह उठते ही सबसे पहले अपने चेहरे को सादे पानी से धोना चाहिए। क्योंकि रात को सोते समय स्किन पर कई तरह के बैक्टीरिया पनप जाते हैं, जिससे यह पोर्स को ब्लॉक कर देते हैं। इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले चेहरा धोने से बैक्टीरिया स्किन से दूर हो जाते हैं।

क्लींजर और टोनर: स्किन को खूबसूरत बनाने के लिए चेहरे पर सुबह के दौरान क्लींजर और टोनर का इस्तेमाल करें। इससे चेहरे पर मौजूद सभी बैक्टीरिया दूर हो जाते हैं। आप स्किन पर एल्कोहॉल फ्री टोनर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मॉइश्चराइजर: सर्दियों के दौरान त्वचा पर मॉइश्चराइजर या फिर सनस्क्रीन का प्रयोग जरूर करें। क्योंकि मॉइश्चराइजर के जरिए त्वचा पर नमी बनी रहती है। वहीं सनस्क्रीन स्किन को सुरक्षा प्रदान करती है।

इसके अलावा बेदाग और निखरी त्वचा पाने के लिए अपने ब्रेकफास्ट में हेल्दी चीजों को शामिल करना चाहिए। आप अपने नाश्ते में साबुत अनाज, प्रोटीन, फल, सब्जियां और हेल्दी फैट्स को शामिल कर सकते हैं।

The post सुबह उठकर अपनाएं ये Skin Care रूटीन, ठंड में भी मिलेगी बेदाग और निखरी त्वचा appeared first on Jansatta.



from जीवन-शैली – Jansatta https://ift.tt/32AiDo8

Comments

Popular posts from this blog

Redmi भारत में ला रही है अपनी पहली टीवी, 17 मार्च को होगी लॉन्च

Redmi भारत में अपनी पहली टीवी लॉन्च करने जा रही है, जिसको लेकर कंपनी ने ट्विवटर पर एक ट्वीट करके जानकारी दी है। शाओमी अभी तक भारतीय बाजार में एमआई के टीवी लॉन्च करती रही है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/3kTD1WB

Airtel 398 vs Vi 399 Plan: बेनिफिट्स में है बड़ा अंतर, कीमत में है सिर्फ 1 रुपये का फर्क, जानें कौन सा प्लान है बेस्ट

Airtel Prepaid Plan vs Vi Prepaid Plan: हम आज आपको इस बात की जानकारी देंगे कि Airtel 398 Plan और Vi 399 Plan के बीच कीमत के अलावा बेनिफिट्स में क्या-क्या अंतर है। from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/39NTnw8

बवासीर और फिस्टुला में अंतर कैसे करें? आचार्य बालकृष्ण से जानिए पाइल्स के रामबाण इलाज

बवासीर में ज्यादा खून बहने से शरीर में खून की कमी हो सकती है। व्यक्ति कमजोर महसूस करने लगता है। लंबे समय तक इस बीमारी के बने रहने और इलाज के अभाव में यह कोलोरेक्टल कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही बवासीर का इलाज कराएं। आइए आचार्य बालकृष्ण से घरेलू उपचार के साथ बवासीर और फिस्टुला में अंतर समझते हैं। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक पाइल्स को आयुर्वेद में ‘अर्श’ कहा गया है। यह तीन दोषों – वात, पित्त और कफ के दूषित होने के कारण होता है। इसलिए इसे त्रिदोषज रोग भी कहा जाता है। जिन बवासीर में वात या कफ प्रधान होता है, वे सूखे होते हैं। इसलिए मांसल कोशिकाओं से कोई स्राव नहीं होता है। अर्श जिसमें रक्त या पित्त या रक्त पित्त प्रधान होता है, वे आर्द्र अर्श होते हैं। इसमें खून बह रहा है। सूखे हुए अर्श में दर्द अधिक होता है। बवासीर होने के कारण (Piles or Hemorrhoids Causes) आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक कब्ज भी बवासीर का एक प्रमुख कारण है। कब्ज में मल सूखा और सख्त होता है, जिसके कारण व्यक्ति को मल त्याग करने में कठिनाई होती है। बहुत देर तक स्थिर बैठना पड़ता है। इस कारण वहां की रक्त वाहि...